Thursday, December 27, 2012

कोई भी माँ बाप अपने बच्चों को लुच्चा, लफंगा, चोर, उचक्का बनाना नहीं चाहते

संस्कार और मूल्य बहुत अमूल्य होते हैं, माता पिता पर बहुत कुछ निर्भर करता है। आज के समय में माँ बाप बहुत हद तक बच्चों को बिगाड़ रहे हैं, लाढ प्यार ओर दिखावे के चक्कर में बच्चों को पहले तो सपोर्ट किया जाता है फिर धीरे धीरे बात हाथ से निकल जाती है। 

बैसे कोई भी माँ बाप अपने बच्चों को लुच्चा, लफंगा, चोर, उचक्का बनाना नहीं चाहते पर बन रहे हैं, कोई नहीं चाहता की उनका लड़का सड़क पर खड़े होकर लड़कियां छेड़े, सिगरेट दारु में डूबा रहे पर कर रहे हैं। कोई माँ बाप नहीं चाहते कि उनकी बेटी घर में बगैर बताये लडको के साथ पार्कों में घूमे, मूवी देखे, डिस्को जाये, सिगरेट पियें पर कर रही हैं।

माँ बाप 24 घंटे बच्चों पर नज़र नहीं रख सकते और न रखनी चाहिए पर बच्चे को इस काबिल बनाना कि वो खुद तय करे कि क्या सही है और क्या गलत ये बहुत ही जरूरी है। ये सब एक दिन में या एक महीने में नहीं किया जा सकता ये तो एक सतत प्रक्रिया है। छोटे बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, बस एक बार सही दिशा तय हो जाये फिर धीरे धीरे काम आसान हो जाता है।



Do we actually need a Syllabus to impart Value Education


45 minutes ago · 
  • आज के टाइम में खुद के नज़रों में गिर जाना और आत्मग्लानी जैसी चीज़ें गायब हो गयी हैं। कितना भी झूठ बोल ले, कितने भी उलटे सीधे काम कर ले, नीचता की हद हो जाये पर ऐसे पेश आते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। ऐसा क्या गायब है आज की शिक्षा से कि इंसान गिरता ही जा रहा है जबकि कोई माँ बाप नहीं चाहते की उनका बच्चा बड़ा होकर गिरा हुआ इंसान बने।
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    Wednesday, December 26, 2012

    मूल्य - हर हाल में बढ़ने चाहिए।


    "मूल्य" जिसमे मुख्यतः आज के हो रहे नैतिक पतन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। नैतिकता को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता ये एक रास्ता है, एक सफ़र है, एक सोच है, एक आधार है, एक नीव है, एक कदम है, समाज का आईना है हमें विकास की ऒर ले जाने का, अँधेरे में एक छोटी सी किरण है या फिर यूं कहें:
    * हर माता पिता चाहते हैं उनका बच्चा बड़ा होकर अच्छा और कामयाब इंसान बने।
    * कोई भी अपने बच्चों को अपराधी नहीं बनाना चाहता।
    * कोई नहीं चाहता कि उनका बच्चा चोरी डकैती करे।
    * कौन से माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे गालियाँ दें।
    * कोई भी पेरेंट्स नहीं चाहते की उनके बच्चे बड़ो का आदर न करें।
    * शायद ही कोई मम्मी पापा हो जो ये चाहते हो की उनके बच्चे बड़े होकर शराब सिगरेट और नशे में डूबें रहें।
    * सभी माँ बाप अपने बच्चों को सारी सुख सुबिधायें देते हैं, अच्छे स्कूलों में भेजते है, टयूशन लगाते हैं, बच्चों को काबिल इंसान बनाने के लिए हर वो काम करते हैं जो जरूरी लगता है फिर भी कुछ छूट जाता है और बच्चे               
      बिगड़ जाते हैं।
    * क्या कहीं कुछ छूट रहा है आज की शिक्षा में।

    ये एक प्रयास है जो सिर्फ सबकी भागीदारी से सफल प्रयास हो सकता है। इसमें सबसे बड़ी भागीदारी माँ बाप की होगी क्योंकि एक बच्चा सबसे ज्यादा समय मम्मी पापा के साथ ही बिताता है। इस प्रयास को मिलजुल कर बड़ा रूप दिया जा सकता है।