Do we actually need a Syllabus to impart Value Education
आज के टाइम में खुद के नज़रों में गिर जाना और आत्मग्लानी जैसी चीज़ें गायब हो गयी हैं। कितना भी झूठ बोल ले, कितने भी उलटे सीधे काम कर ले, नीचता की हद हो जाये पर ऐसे पेश आते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। ऐसा क्या गायब है आज की शिक्षा से कि इंसान गिरता ही जा रहा है जबकि कोई माँ बाप नहीं चाहते की उनका बच्चा बड़ा होकर गिरा हुआ इंसान बने।